क्या आपके घर में बच्चे हैं? यदि हाँ, तो किस आयु वर्ग के हैं? क्या वे मोबाइल फोन,कंप्यूटर, लैपटॉप आदि पर इंटरनेट और सोशल मीडिया का प्रयोग करते हैं?

  क्या आपको जानकारी है कि वे इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर आदि के इनबॉक्स में किन लोगों से बातचीत करते हैं? अगर नहीं तो कृपया आज ही चैक कीजिए। बच्चों को विश्वास में लेकर इस विषय में बातचीत कीजिए।

नीचे दिए गए चित्र में बांदीकुई,राजस्थान की रहनेवाली कृतिका जांगिड़ नाम की यह बच्ची मात्र 13 वर्ष की है व कक्षा आठवीं में पढ़ती है। इंस्टाग्राम पर इसका परिचय नेपाल के रहनेवाले इजरायल नामक युवक से हुआ जो कतर में काम करता था। इजरायल ने अपनी डीपी पर एक आकर्षक युवक की तस्वीर लगा रखी थी इसलिए


कृतिका वास्तविक इजरायल को वही युवक समझकर आकर्षित हो गई और दोनों के बीच की दोस्ती और प्रेमसंबंध इस हद तक पहुंच गए कि 19 जून 2022 को घर के पास की दुकान से कुरकुरे खरीदने के बहाने कृतिका अपने प्रेमी इजरायल के साथ घर से भाग गई। कृतिका को भगाने के लिए प्रेमी इजरायल फ्लाइट से कतर से बांदीकुई पहुंचा था। कृतिका के गायब होते ही घर में हड़कंप मच गया। सबने समझा कि बच्ची का अपहरण हो गया है। फोटो के साथ विस्तृत विवरण तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। और सोशल मीडिया का सकारात्मक पक्ष देखिए कि दरभंगा,बिहार में जिस ट्रेन में यह दोनों चढ़े उसी ट्रेन में बैठे एक युवक के व्हाट्सएप पर किसी ग्रुप में कृतिका की फोटो के साथ संदेश भी आया हुआ था। उस युवक ने पुलिस को तत्काल सूचना दी और दोनों को ट्रेन से उतार लिया गया। बच्ची को परिवार को सौंप दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि कतर ले जाकर उसे बेचने का प्लान था।


अब सोचिए,19 जून को गायब हुई 13 साल की टीनएज बच्ची कल 23 जून को मिली है,तब तक इसके मातापिता,


परिवार का क्या हाल हुआ होगा? चिंता के कारण कितना रोए,तड़पे होंगे?बच्चे को अच्छे कपड़े,मोबाइल, शिक्षा सब दी पर शायद संस्कारों में कहीं कुछ कमी रह गई तभी एक अजनबी से इतनी दोस्ती बढ़ाते हुए उसने कभी अपनी माँ या परिवारीजनों को इस मित्रता की जानकारी तक नहीं दी। कितनी भारी पड़ी यह कमी। बच्ची का फोटो देखिए। 13 साल की मासूम आयु में इंस्टाग्राम पर स्वतंत्र अकाउंट बनाना और ऐसी फोटो डालना क्या खतरनाक नहीं है? क्या चाइल्ड ट्रैफिकिंग वाले इस चेहरे को देखकर भांप नहीं लेंगें कि यह बच्ची कितनी आसान शिकार है?अपने घरों के बच्चे हम सभी को मासूम लगते हैं पर हमारे ऐसा सोचने से दुनिया भर में घूम रहे क्रूर राक्षस उनका शिकार करना नहीं छोड़ देंगे। आपसे प्रार्थना है कि अपने बच्चों के इंटरनेट व सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रखिए,डाँटिए फटकारिए नहीं, आराम से बात कीजिए और समाज में हो रहे इन घटनाक्रमों से सहजता से परिचित भी करवाइए। उन्हें विश्वास में लीजिए। कोई बात शेयर करने पर आपे से बाहर मत हो जाइए। तिल का ताड़ बनाने की आवश्यकता नहीं है। बच्चे को उसकी रुचि की गतिविधियों में व्यस्त रखकर बहुत आराम से ये सब आदतें छुड़ाई जा सकती हैं। 


एक आखिरी बात, कर्मफल की बात हमेशा करती हूँ। हम बहुत पावरफुल और शक्तिशाली हो सकते हैं,संसार में किसी साले की औकात नहीं हमारा कुछ उखाड़ ले हम ऐसा सोचते हैं पर कभीकभी हमारे कर्मों का पुरस्कार हमें हमारे ही जिगर के टुकड़ों के जरिए मिल जाता है। सोचिए, इसके मातापिता के पूर्वजन्म के ना जाने किन कर्मों के फलस्वरूप इस बिटिया ने नादानी में ही सही उन्हें इतना तड़पाया,खून के आँसू रुलाए। यही कर्मफल है। हो सकता है इस जन्म में वे बहुत सदाचारी और परोपकारी व्यक्ति हों पर कर्मफल जन्म जन्मांतर तक पीछा करते हैं। इसलिए हो सके तो अपने से कमजोर का कभी दिल मत दुखाइएगा,पाप का धन घर में मत लाइएगा। बाकी आप सभी मुझसे अधिक समझदार हैं। 

Comments

Popular posts from this blog

आप को जानकर आश्चर्य होगा कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जो शिक्षामंत्री के तौर पर भी जाने जाते है। हकीकत में उन के पास कुल 18 विभागों की जिम्मेदारी है, यानि 18 केबिनेट मंत्रालय उनके पास है, मतलब 18 कैबिनेट मंत्रियों का हक वे अकेले मारे बैठे है। एक व्यक्ति को एक साथ 18 विभाग कौन देता है ? क्या AAP में कोई और काबिल विधायक नही है या अरविंद केजरीवाल अपने दोस्त मनीष सिसोदिया के बहाने सभी विभागों पर काबिज होकर कब्जा करने की नियत रखते हैं?

वन चाइल्ड पॉलिसी हिंदू संस्कृति की कब्र में आखिरी कील साबित होगी

मंदिर बनाने वाले एम्स भी बना रहे हैं"यह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में नवनिर्मित एम्स जिसका लोकार्पण 5 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री मोदी जी करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अक्टूबर 2017 में इसका शिलान्यास भी किया था।