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Showing posts from July, 2022

भारत के एक और भयानक गद्दार की कहानी जिसने एक ही दिन मे दस हजार दलितों को मरवा डाला था।

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मित्रों ! जबसे  CAA का जन्म हुआ है तबसे एक नाम बहुत तेजी से उभरकर सामने आया, CAA जरुरी क्यों है इसके लिए भाजपा के कई नेताओं ने जोगेन्द्रनाथ_मंडल का उदाहरण दिया, जब सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी जोगेन्द्रनाथ मंडल का नाम लिया, भले ही दुसरे परिप्रेक्ष्य में लिया हो, तो मुझे लगा कि अब इस शख्स के बारे में थोड़ा पढ़ना चाहिए कि यह महान आत्मा है कौन हैं? जोगेन्द्रनाथ मंडल का जन्म 1904 में बंगाल में बरीसल जिले के मइसकड़ी के एक दलित परिवार में हुआ था, मंडल 1939-40 तक कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के करीब आए, पर कुछ समय बाद कांग्रेस से किनारा करके मुस्लिम लीग पार्टी में चले गये। जोगेन्द्रनाथ मंडल मुस्लिम लीग के खास सदस्यों में गिना जाने लगा, कारण यह था मंडल अखण्ड भारत का बहुत बड़ा दलित नेता था इतना बड़ा कि डा. अम्बेडकर जी से भी बड़ा।कहा यह भी जाता है और इसके साक्ष्य भी मौजुद है कि डॉ अम्बेडकर को मंडल ने ही लांच किया था ।   मित्रों ! आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पाकिस्तान का निर्माण दलित+मुस्लिम के गठजोड़ के कारण हुआ था, आज जो लोग, दलितों के स्वघोषित  नेता जय भीम जय मीम क...

क्या सुप्रीम कोर्ट ने दी कन्हैयालाल के हत्यारों को क्लीन चिट ?

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 क्या सुप्रीम कोर्ट ने दी कन्हैयालाल के हत्यारों को क्लीन चिट ?   सीनियर एडवोकेट मंजीत सिंह के माध्यम से नूपुर शर्मा ये अपील करने गई थीं कि पूरे भारत की कई अदालतों में उनके खिलाफ केस दायर किए गए हैं अगर उन केस की प्रकृति एक ही है तो उसे दिल्ली कोर्ट में ही ट्रांसफर कर दिया जाए क्योंकि मेरी जान को खतरा है ।  -सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ ऑर्डर में यही लिखा... प्ली डिस्मिस यानी याचिका खारिज । लेकिन जो ऑब्जरवेशन माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं वो संविधान में राइट टू इक्वेल प्रोटेक्शन और राइट टू लाइफ के मापदंडों पर सही नहीं ठहरते हैं ।  - नूपुर शर्मा के वकील की तरफ से अदालत को ये कहा गया कि अर्णब गोस्वामी के खिलाफ भी अलग अलग अदालत में मामले थे लेकिन उसको एक जगह किया गया था । इस पर जस्टिस ने जवाब दिया कि वो एक पत्रकार हैं उनकी बात अलग है । हमारा सवाल ये है कि क्या कोई पत्रकार स्पेशल सिटिजन होता है ? क्या किसी पत्रकार को संविधान ने आम इंसान से ज्यादा अधिकार दिए हैं ? -इसके बाद नूपुर शर्मा के वकील की तरफ से ये तर्क दिया गया कि सत्येंद्र सिंह भसीन एक पत्रकार नहीं बिजनेसमैन थे...

क्या आपके घर में बच्चे हैं? यदि हाँ, तो किस आयु वर्ग के हैं? क्या वे मोबाइल फोन,कंप्यूटर, लैपटॉप आदि पर इंटरनेट और सोशल मीडिया का प्रयोग करते हैं?

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  क्या आपको जानकारी है कि वे इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर आदि के इनबॉक्स में किन लोगों से बातचीत करते हैं? अगर नहीं तो कृपया आज ही चैक कीजिए। बच्चों को विश्वास में लेकर इस विषय में बातचीत कीजिए। नीचे दिए गए चित्र में बांदीकुई,राजस्थान की रहनेवाली कृतिका जांगिड़ नाम की यह बच्ची मात्र 13 वर्ष की है व कक्षा आठवीं में पढ़ती है। इंस्टाग्राम पर इसका परिचय नेपाल के रहनेवाले इजरायल नामक युवक से हुआ जो कतर में काम करता था। इजरायल ने अपनी डीपी पर एक आकर्षक युवक की तस्वीर लगा रखी थी इसलिए कृतिका वास्तविक इजरायल को वही युवक समझकर आकर्षित हो गई और दोनों के बीच की दोस्ती और प्रेमसंबंध इस हद तक पहुंच गए कि 19 जून 2022 को घर के पास की दुकान से कुरकुरे खरीदने के बहाने कृतिका अपने प्रेमी इजरायल के साथ घर से भाग गई। कृतिका को भगाने के लिए प्रेमी इजरायल फ्लाइट से कतर से बांदीकुई पहुंचा था। कृतिका के गायब होते ही घर में हड़कंप मच गया। सबने समझा कि बच्ची का अपहरण हो गया है। फोटो के साथ विस्तृत विवरण तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। और सोशल मीडिया का सकारात्मक पक्ष देखिए कि दरभंगा,बिहार में जिस ट्रेन में...

ये कोई नहीं जानता कि ये देश जस्टिस एमबी सोनी का भी कर्जदार है!!

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  ये कोई नहीं जानता कि ये देश जस्टिस एमबी सोनी का भी कर्जदार है!! आइए बताता हूं!  नरेंद्र मोदी को जेल मे सडाने की प्लानिंग किसकी थी!!!? कैसे नरेंद्र मोदी बच सके!!? षड्यंत्र कितने खतरनाक!!!     आप अंदाज नहीं लगा सकते!!!       अगर वो सफल हो जाते!!! तो हम क्या खो देते????      तो नरेंद्र मोदी का हश्र क्या होता!!!? कांग्रेस राज में कोई भी केस सुप्रीम कोर्ट में जाने के पहले ही सब कुछ मैनेज हो जाता था!! वो... कि केस किस जज की बेंच में जायेगा और वो जज क्या फैसला देंगे... कांग्रेस की 70 सालों की सफलता का यही सबसे बड़ा राज है कि!!... उसने मीडिया और न्यायपालिका सबको मैनेज करके अपना राज स्थापित किया... गुजरात हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस एमबी सोनी ने इसका खुलासा तब किया, जब उन्होंने पाया की गुजरात दंगो के सम्बन्धित कोई भी याचिका, जो तीस्ता सीतलवाड सुप्रीम कोर्ट में दायर करती है वो सिर्फ जस्टिस आफताब आलम के बेंच में ही क्यों जाती है, जबकि रोस्टर के अनुसार वो किसी और के बेंच में जानी चाहिए ।.. फिर उन्होंने और तहकीकात की तो पता चला कि रजिस्ट...