आप को जानकर आश्चर्य होगा कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जो शिक्षामंत्री के तौर पर भी जाने जाते है। हकीकत में उन के पास कुल 18 विभागों की जिम्मेदारी है, यानि 18 केबिनेट मंत्रालय उनके पास है, मतलब 18 कैबिनेट मंत्रियों का हक वे अकेले मारे बैठे है। एक व्यक्ति को एक साथ 18 विभाग कौन देता है ? क्या AAP में कोई और काबिल विधायक नही है या अरविंद केजरीवाल अपने दोस्त मनीष सिसोदिया के बहाने सभी विभागों पर काबिज होकर कब्जा करने की नियत रखते हैं?
आप को जानकर आश्चर्य होगा कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जो शिक्षामंत्री के तौर पर भी जाने जाते है। हकीकत में उन के पास कुल 18 विभागों की जिम्मेदारी है, यानि 18 केबिनेट मंत्रालय उनके पास है, मतलब 18 कैबिनेट मंत्रियों का हक वे अकेले मारे बैठे है। एक व्यक्ति को एक साथ 18 विभाग कौन देता है ? क्या AAP में कोई और काबिल विधायक नही है या अरविंद केजरीवाल अपने दोस्त मनीष सिसोदिया के बहाने सभी विभागों पर काबिज होकर कब्जा करने की नियत रखते हैं? दूसरी तरफ आपको जानकर ताज्जुब होगा कि युगपुरुष अरविंद केजरीवाल खूद दिल्ली के मुख्यमंत्री है आपनी पार्टी AAP के सर्वे सर्वा है, लेकिन उनके पास एक भी विभाग की कोई जिम्मेदारी नही है। वे किसी भी विभागीय आदेश पर हस्ताक्षर नही करते है। क्या यह संभव है कि आई आई टी के बेहतरीन विद्यार्थी रहे युगपुरुष में कोई काबिलियत ही नही है। इसलिए इनको किसी विभाग की जिम्मेदारी नही दी गई है। जानबूझकर वे कहीं हस्ताक्षर नही करते, या, यह बंदा हद से ज्यादा धूर्त और चालाक है ? ताकि बडी सफाई से भष्टाचार की मलाई चाटता रहे और पकडा भी न जाये ! एक...